{1000+} Sad Shayari In Hindi || सैड शायरी इन हिंदी [December 2022]

तो दोस्तों आज मैं आप लोगों के साथ शेयर करने वाला हूं सैड शायरी इन हिंदी (Sad Shayari In Hindi) का संपूर्ण कलेक्शन जो कि आप लोगों को काफी पसंद आएगा।

दोस्तों आप लोगों को सैड शायरी इन हिंदी के आखिर में दोस्त क्यों पड़ रही है उसका मतलब यह है कि आपको किससे प्यार था और उसने आपका दिल दुखाया हो इसलिए शायद आप सैड शायरी इन हिंदी को ढूंढ रहे हो।

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और एक यह भी कारण हो सकता है कि जिससे आप प्यार करते थे उस इंसान ने आपको धोखा दिया है आपका दिल तोड़ दिया हो तो आपको छोड़ कर चले गए हैं इसलिए आप सैड शायरी ढूंढ रहे हो और सैड शायरी इन हिंदी ढूंढ रहे हो या फिर के कारण भी हो सकता है कि किसी अपने करीबी दोस्त रिश्तेदार दिल दुखाया है उसके कारण आप सैड शायरी ढूंढ रहे हो।

आप सैड शायरी इन हिंदी सर्च करके कहीं से भी ढूंढते हुए यहां तक आए हो तो आप सही जगह पर आए हैं मेरे दोस्त क्योंकि हमने ऐसी ही सेट शायरियों का बहुत ही बड़ा कलेक्शन करके रखा है जो कि आप लोगों को काफी पसंद आएगा।

तो आप लोग जल्दी से नीचे इंस्टॉल करके जाइए और अपने मनपसंद की सैड शायरी ढूंढ लीजिएगा ओके हमने यहां बहुत सारी शायरियां कलेक्शन करके रखी है उसमें से कोई ना कोई शायरी आपके ऊपर बनी है मतलब कि आप की सिचुएशन के ऊपर बनी है कोई न कोई आपको जरूर पसंद आएगी मुझे जाकर ढूंढिए।

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फिर वही दिल की गुज़ारिश फिर वही उनका ग़ुरूर,
फिर वही उनकी शरारत फिर वही मेरा कुसूर।

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एक ये ख्वाहिश के कोई ज़ख्म न देखे दिल का,
एक ये हसरत कि कोई देखने वाला तो होता।

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मेरे हाथों से मेरी तकदीर भी वो ले गया,
आज अपनी आखिरी तस्वीर भी वो ले गया।

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न करना भरोसा इस दुनिया में किसी पर,
मुझे तबाह करने वाला मेरा बड़ा अजीज़ था।

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तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से,
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।

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फर्क चेहरे की हँसी पर सिर्फ इतना सा पाते है,
पहले आती थी अब लाते है।

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चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नहीं,
मोहब्बत अजनबी होकर बड़ी तकलीफ देती है।

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जिस क़दर उसकी क़दर की,
उस क़दर बेक़दर हुये हम।

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मैंने तड़पकर कहा बहुत याद आते हो,
तुम वो मुस्कुरा कर बोले तुम्हे और आता ही क्या है।

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बिछड़कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था,
बेशक ये ख्वाब था मगर हसीन कितना था।

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दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता।
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता।

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एक उम्मीद मिली थी तुम्हारे आने से अब वो भी टूट गई,
वफादारी की आदत थी हमें अब शायद वो भी छूट गई।
क्या-क्या नहीं किया मैंने तेरी एक मुस्कान के लिए,
फिर भी अकेला छोड़ दिया उस अनजान के लिए।

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जब मैं डूबा तो समुन्दर को भी हैरत हुयी,
अजीब शख्स है किसी को पुकारता भी नहीं।

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मैं फिर से निकलूंगा तलाश ए-जिन्दगी में,
दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो।

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दिल अमीर था और मुकद्दर गरीब था,
अच्छे थे हम मगर बुरा नसीब था।
लाख कोशिश कर के भी कुछ ना कर सके हम,
घर भी जलता रहा और समंदर भी करीब था।

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सादगी इतनी भी नहीं है अब बाकी मुझमें,
कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं।

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जिंदगी हमारी यूं सितम हो गई
खुशी ना जानें कहां दफन हो गई।
लिखी खुदा ने मुहब्बत सबकी तकदीर में,
हमारी बारी आई तो स्याही खत्म हो गई।

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मैंने कभी किसी को आज़माया नही,
जितना प्यार दिया उतना कभी पाया नही।
किसी को हमारी भी कमी महसूस हो,
शायद खूदा ने मुझे ऐसा बनाया नहीं।

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बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है,
यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है।
तड़प उठता हूँ दर्द के मारे,
ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है।
अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ,
मुझको तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है।

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औकात नहीं थी ज़माने में जो मेरी कीमत लगा सके,
कम्बख़्त इश्क में क्या गिरे, मुफ्त में नीलाम हो गये।

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बाज़ी-ए-मुहब्बत में हमारी बदकिमारी तो देखो,
चारों इक्के थे हाथ में, और इक बेग़म से हार गये।

सिर्फ एक ही बात सीखी इन हुस्न वालों से हमने​​,
हसीन जिसकी जितनी अदा है वो उतना ही बेवफा है।

रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लग के वो,
ऐसा लगा कि जैसे कभी बेवफा न थे वो।

तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी,
वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी।
ये तो वही बेवफ़ा लोगों की दुनिया है,
तुम अगर भूल भी जाओ जो कौन सी नई बात होगी।

बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से,
बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से।
ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से,
आसमान भी रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।

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साँस थम जाती है पर जान नहीं जाती,
दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती।
अजीब लोग हैं इस ज़माने में ऐ दोस्त,
कोई भूल नहीं पाता और किसी को याद नहीं आती।

फिर से एक उम्मीद पाल बैठी हूँ,
फिर से तेरे पते पर चिट्टी डाल बैठी हूँ।

उसने भी मेरे कत्ल की साजिश में कोई कसर न छोड़ी,
जिसकी जिंदगी के वास्ते हर दरगाह पर जाकर दुआ की थी हमने।

इश्क़ ना हुआ कोहरा हो जैसे,
तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं।

जिस्म से रूह तक जाए तो हकीकत है इश्क़,
और रूह से रूह तक जाए तो इबादत है इश्क़।

उनसे कहना कि किस्मत पे इतना नाज़ ना करे,
हमने बारिश में भी जलते हुए मकान देखे है।

नीलाम कुछ इस कदर हुए बाजार-ऐ-वफ़ा में हम आज ,
बोली लगाने वाले भी वो ही थे जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे।

मुझे यकीन है मोहब्बत उसी को कहते है ,
कि ज़ख्म ताज़ा रहे और निशा चले जाए।

एक बार भी नहीं रोका उसने मुझे ,
शायद उसे मेरे चले जाने का इंतज़ार था।

उमर का क्या है वो तो कट ही जाएँगी,
तेरे बिन बस जो नहीं कटता वो वक़्त है मेरा।

बस यूही उम्मीद दिलाते है ज़माने वाले,
कब लौट के आते है छोड़ के जाने वाले।

बताओ है कि नहीं मेरे ख्वाब झूठे,
कि जब भी देखा तुझे अपने साथ देखा।

बड़ी उदासी सी है, ग़मों की प्यास सी है।
दिल है तनहा मिलने की आस सी है।

बड़ा अजीब होता है, जब कोई दूर होता है।
रात भर जगाती है, उसकी यादें बहुत सताती हैं।

दिल तुमसे दूर है, दुनिया के आगे मजबूर है,
हर तरफ तो मायूसी छाई रहती है।
तू ज़िंदगी से तो गयी,
मगर यादों में आती आती रहती है।

Sad Shayari In Hindi Attitude

साथ तुम्हारा हरदम चाहते थे,
तुम्हारा अहसास हर पल चाहते थे।
तुम्हारी यादों के सहारे काट दी ज़िन्दगी हमने,
तुम्हें कहानियों के ज़िक्र में अक्सर पाते हैं।

काश तू साथ होता,
मेरे दिल के पास होता।
तुझे चाहते हैं बहुत,
मेरा तू बहुत ख़ास होता।

किस्से खास थे तुम्हारे,
जब तुम पास थे हमारे।
अब सिर्फ तुम्हारी यादें हैं,
अब सिर्फ तुम्हारी बातें हैं।

तस्वीर तुम्हारी दिल में बसाये हैं,
हर वक़्त हर लम्हा तुम्हे चाहे हैं।
आ जाओ फिर से ज़िन्दगी में मेरी,
तुम्हारी मोहब्बत में सब कुछ छोड़ा।
कुछ ना पाए हैं।

उस मोड़ पे तूने छोड़ा मुझे जहाँ हमसफ़र तो कहीं मिले,
पर तेरे जाने के बाद ज़िन्दगी का सफर हमने बदल दिया।

तुझे पाने का कोई अहसास ही नहीं है,
जैसे तू मेरे पास है पर पास है नहीं है।
मुझे पता है तू बहुत प्यार करता है मुझसे,
पर तुझ में दिल लगाने जैसी कोई बात नहीं है।

जो तुम्हे चाहे उसको चाहो तो,
प्यार खुद बा खुद हो जाता है।
क्या सच में ऐसा होता है,
या कोई बस कहानियां बनाया है।

ज़िन्दगी एक गम है जिसमें प्यार है,
जिसको मिला वो खुशनसीब है,,
और जिसको नहीं मिला वो बेक़रार है।

मोहब्बत कब कहाँ किसकी पूरी होती है,
ये तो वादों में ही अधूरी होती है।
जान ले लेती है आशिक़ की,
तब जाकर लैला मजनू की जोड़ी मशहूर होती है।

किस्से हमारे तुम्हारे मशहूर थे,
जब तुम हमसे ना इतने दूर थे।
तुम्हारी ख्वाहिशों के हिसाब से खुद को ढाला थे हमने,
तुम्हे दुख ना हो इसलिए,,
तुम्हारी हर ख़ुशी को सम्भाला था हमने।

मेहँदी जब लगे उसमें नाम मेरा हो,
तेरी हर कहानियों में जिक्र मेरा हो।
तू याद करे जब तो,
तेरे आंसुओं में नाम मेरा हो।

तेरी यादें बहुत सताती हैं,
तुम्हें हर रोज़ बुलाती हैं।
रात का गहरा रिश्ता है तुमसे,
ये तुम्हारी यादें भी साथ लाती हैं।

आँसू आ जाते है रोने से पहले,
ख्वाब टूट जाते है सोने से पहले।
लोग कहते है मोहब्बत गुनाह है,
काश कोई रोक लेते गुनाह होने से पहले।

हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये हमने,
तेरी खातिर हर दिन आँसू बहाये हमने।
तू छोड़ गया जहाँ हमें राहों में अकेला,
बस तेरे दिए ज़ख्म हर एक से छिपाए हमने।

कोई किसी का खास नहीं होता,
लोग तभी याद करते हैं।
जब उसका टाइम पास नहीं होता।

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है।
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है।

सितारो को रोशनी की क्या ज़रूरत,
ये तो खुद को जला लेते हे।
आशिक़ो को वफ़ा की क्या ज़रूरत,
वो तो बेवफा को भी प्यार कर लेते हे।

पल पल उसका साथ निभाते हम,
एक इशारे पर दुनिया छोड़ जाते हम।
समन्दर के बीच में फरेब किया उसने,
कहते तो किनारे पर ही डूब जाते हम।

मैं ख़ामोशी हूँ तेरे मन की,
तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा।
मैं एक उलझा लम्हा हूँ,
तू रूठा हुआ हालात मेरा।

इश्क करना तो लगता है जैसे,
मौत से भी बड़ी एक सजा है।
क्या किसी से शिकायत करें हम,
जब अपनी तकदीर ही बेवफा है।

Sad Shayari In Hindi Lyrics

दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बैठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बैठे।
वो हमे एक लम्हा न दे पाए प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बैठे।

मुझे तुझसे कोई शिकवा या शिकायत नहीं,
शायद मेरे नसीब में तेरी चाहत नहीं है।
मेरी तकदीर लिखकर खुदा भी मुकर गया,
मैंने पूछा तो बोला ये मेरी लिखावट नहीं है।

जब भी उनकी गली से गुज़रते हैं,
मेरी आँखें एक दस्तक दे देती हैं।
दुःख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर देते हैं,
ख़ुशी ये है कि वो मुझे पहचान लेते हैं।

मोहब्बत की सजा बेमिसाल दी उसने,
उदास रहने की आदत सी डाल दी उसने।
मैंने जब अपना बनाना चाहा उसको,
बातों बातों में बात टाल दी उसने।

तुम्हें ग़ैरों से कब फुर्सत,
हम अपने ग़म से कब ख़ाली।
चलो बस हो चुका मिलना,
न तुम ख़ाली न हम ख़ाली।

कुछ उलझे सवालो से डरता है दिल,
न जाने क्यों तन्हाई में बिखरता हैं दिल।
ना किसी को पाने कि अब कोई चाहत न रही,
बस कुछ अपनों को खोने से डरता है ये दिल।

घुट घुट कर जिते रहें कोई फरियाद ना करें,
कहाँ से लाऊ वो दिल जो तुम्हे याद ना करे।

काँच का तोहफा ना देना कभी,
रूठ कर लोग तोड दिया करते हैं।
जो बहुत अच्छे हो उनसे प्यार मत करना,
अकसर अच्छे लोग ही दिल तोड दिया करते है।

नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली,
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली।
तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा,
एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली।

तेरे बिना ज़िंदगी अधूरी है यारा,
तुम मिल जाओ तो ज़िंदगी पूरी है यारा।
तेरे साथ ज़िंदगी की सारी खुशियाँ,
दुसरो के साथ हसना तो मज़बूरी है यारा।

कोई खुशियों की चाह में रोया,
कोई दुखों की पनाह में रोया।
अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का,
कोई भरोसे के लिए रोया,,
कोई भरोसा करके रोया।

जिनकी आँखे आँसू से नम नहीं क्या,
समझते हो उसे कोई गम नहीं।
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ,
गम छुपा के हंसने वाले भी इस दुनिया मे कम नहीं।

अब ओर आँसुओं को आँखों में लाना नही है,
अपने मासूम दिल को दुखाना नही है।
अगर तकलीफ देने लगा है तुम्हे रिश्ता हमारा,
तो इस रिश्ते को ओर निभाना नही है।

वक्त ने हमको चुप रहना सिखा दिया,
और हालातों ने सब कुछ सहना सिखा दिया।
अब किसी की आस नहीं ज़िन्दगी में,
इन तन्हाइयों ने हमे अकेले रहना सिखा दिया।

जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गए,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गए।
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले,,
रास्तो पर मुझे अकेला छोड़ गए।

Sad Shayari In Hindi 1 Line

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गई हैं,
खामोशियो की आदत हो गई हैं,
न सीकवा रहा न शिकायत रहा किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,,
जो अब इन तन्हाइयों से हो गई हैं।

जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है,
मेरा दिल तोड़कर मुझे हँसाना चाहता है।
जाने क्या बात है मेरे इस चेहरे से,
हर शख्स मुझे आज़माना चाहता है।

हर बात में आँसू बहाया नही करते,
हर बात दिल की हर किसी से कहा नही करते।
ये नमक का शहर है,
इसलिए ज़ख्म यहाँ हर किसी को दिखाया नही करते।

ना साथ है किसी का ना सहारा है कोई,
ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई।

हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,
हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला।
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला।

मैं दिन हूं मेरी ज़बीं पर दुखों का सूरज है,
दिये तो रात की पलकों पे झिलमिलाते हैं।
“बशीर बद्र”

ये दोस्ती ये मरासिम ये चाहतें ये ख़ुलूस,
कभी कभी मुझे सब कुछ अजीब लगता है।
“जाँ निसार अख़्तर”

उस शख़्स के ग़म का कोई अन्दाज़ा लगाए,
जिसको रोते हुए देखा न किसी ने।
“वकील अख़्तर”

मैं तो बस ज़िंदगी से डरता हूं,
मौत तो एक बार मारेगी।
“अज्ञात”

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया,
जाने क्यूँ आज तिरे नाम पे रोना आया।
“शकील बदायुनी”

कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त,
सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया।
“साहिर लुधियानवी”

हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं,
दिल हमेशा उदास रहता है।
“बशीर बद्र”

अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुतरिब,
अभी हयात का माहौल ख़ुश-गवार नहीं।
“साहिर लुधियानवी”

उस ने पूछा था क्या हाल है,
और मैं सोचता रह गया।
“अजमल सिराज”

हमारे घर की दीवारों पे नासिर,
उदासी बाल खोले सो रही है।
“नासिर काज़मी”

Sad Shayari In Hindi Boy

शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास,
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं।
“फ़िराक़ गोरखपुरी”

दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है,
हम भी पागल हो जाएँगे ऐसा लगता है।
“क़ैसर-उल जाफ़री”

ग़म है न अब ख़ुशी है न उम्मीद है न यास,
सब से नजात पाए ज़माने गुज़र गए।
“ख़ुमार बाराबंकवी”

उठते नहीं हैं अब तो दुआ के लिए भी हाथ,
किस दर्जा ना-उमीद हैं परवरदिगार से।
“अख़्तर शीरानी”

ये और बात कि चाहत के ज़ख़्म गहरे हैं,
तुझे भुलाने की कोशिश तो वर्ना की है बहुत।
“महमूद शाम”

दिन किसी तरह से कट जाएगा सड़कों पे शफ़क़,
शाम फिर आएगी हम शाम से घबराएँगे।
“फ़ारूक़ शफ़क़”

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया,
इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया।
“परवीन शाकिर”

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो,
क्या ग़म है जिस को छुपा रहे हो।
“कैफ़ी आज़मी”

तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।
“फ़ैज़ अहमद फ़ैज़”

इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा न हुआ,
ग़ैर तो ग़ैर हैं अपनों का सहारा न हुआ।
“राजेन्द्र कृष्ण”

जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
बहुत तङपाते है अक्सर सीने से लगाने वाले।

अजीब सा दर्द है इन दिनों यारों,
न बताऊं तो ‘कायर’, बताऊँ तो शायर।

ये मेरी महोब्बत और उसकी नफरत का मामला है,
ऐ मेरे नसीब तू बीच में दखल-अंदाज़ी मत कर।

ना जाने किस बात पे वो नाराज हैं हमसे,
ख्वाबों मे भी मिलता हूँ तो बात नही करती।

सोचता रहा ये रातभर करवट बदल बदल कर,
जानें वो क्यों बदल गया, मुझको इतना बदल कर।

Sad Shayari In Hindi For Instagram Caption

उजड़ जाते हैं सर से पाँव तक वो लोग जो,
किसी बेपरवाह से बे-पनाह मोहब्बत करते हैं।

मुझसे खुशनसीब हैं मेरे लिखे ये लफ्ज,
जिनको कुछ देर तक पढ़ेगी निगाहे तेरी।

लोग पूछते हैं क्यों सुर्ख हैं तुम्हारी आँखे,
हंस के कह देता हूँ रात सो ना सका।
लाख चाहूं मगर ये कह ना सकूँ,
रात रोने की हसरत थी रो ना सका।

बिन बात के ही रूठने की आदत है,
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है।
आप खुश रहें, मेरा क्या है मैं तो आईना हूँ,
मुझे तो टूटने की आदत है।

इश्क का धंधा ही बंद कर दिया साहेब,
मुनाफे में जेब जले और घाटे में दिल।

सुनो कोई टूट रहा है तुम्हे एहसास दिलाते दिलाते,
सीख भी जाओ किसी की चाहत की कदर करना।

चाहा था मुक्कमल हो मेरे गम की कहानी,
मैं लिख ना सका कुछ भी तेरे नाम से आगे।

तुम तो डर गये हमारी एक ही कसम से,
हमे तो तुम्हारी कसम देकर हजारो ने लूटा है।

महफिल लगी थी बद-दुआओं की, हमने भी दिल से कहा,
उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो।

अगर नींद आ जाये तो, सो भी लिया करो,
रातों को जागने से, मोहब्बत लौटा नहीं करती।

कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गये सपने,
कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने।

ऐ खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर,
तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता।

ऐ मोहब्बत तू शर्म से डूब मर,
तू एक शख्स को मेरा ना कर सकी।

कितना अजीब है लोगों का अंदाज़-ए-मोहब्बत,
रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं अपना ख्याल रखना।

खबर मरने की जन आये, तो यह न समझना हम दगाबाज थे,
किस्मत ने गम इतने दिए, बस ज़रा से परेशान थे।

बहुत देर कर दी तूने मेरी धडकनें महसूस करने में,
वो दिल नीलाम हो गया, जिसपर कभी हकुमत तेरी थी।

हमने तुम्हें उस दिन से और भी ज़्यादा चाहा है,
जबसे मालूम हुआ तुम हमारे होना नही चाहते।

कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए,
हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया।

मुद्दत के बाद आज उसे देख कर मुनीर,
इक बार दिल तो धड़का मगर फिर सँभल गया।

छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ, बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है,
पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो मैं लाया करता था।

Sad Shayari In Hindi Zindagi

टूटा दिल और धड़कन को एहसास ना हुआ,
पास होकर भी वो दिल के पास न रहा।
जब दूर थी तो,जान थी मेरी,
आज जब हम क़रीब आये तो वो एहसास ना रहा।

मेरी आँखों को सुर्ख़ देख कर कहते हैं लोग,
लगता है तेरा प्यार तुझे आज़माता बहुत है।

न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,
क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले।

बहुत अंदर तक बसा था वो शख़्स मेरे,
उसे भूलने के लिए बड़ा वक़्त चाहिए।

मेरे बिना क्या अपने आप को सँवार लोगे तुम,
इश्क़ हूँ कोई ज़ेवर नहीं जो उतार दोगे तुम।

हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,
तुझ पर ज़रा भी जोर होता मेरा।
ना रोते हम यूँ तेरे लिए अगर,
हमारी जिंदगी में तेरे सिवा कोई ओर होता।

शिकायतों की पूरी किताब तुम्हें सुनानी है,
फुर्सत में अगली जिंदगी सिर्फ मेरे लिए लेकर आना।

बात करने को तरसा हूं,
आवाज़ सुनने को तरसोगी।

ये इश्क मोहब्बत की, रिवायतें भी अजीब है,
पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते।

फायदा बहुत गिरी हुई चीज है,
लोग उठाते ही रहते हैं।

काश ये सिलसिला हो जाए,
मैं मिट जाऊं या फासला घट जाए।

तू पास नहीं तो क्या हुआ,
मोहब्बत तो हम तेरी दूरियों से भी करते है।

तड़प के देखो किसी की चाहत में,
तो पता चले कि इंतजार क्या होता है।
यूं ही मिल जाए अगर कोई बिना तड़पे,
तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है।

कुछ तो सोचा होगा कायनात ने तेरे-मेरे रिश्ते पर,
वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुझसे ही बात क्यों होती।

जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें,
उस बदनसीब से ना सहारों की बात कर।

Sad Shayari In Hindi Attitude Boy

बुला रहा है कौन मुझको उस तरफ,
मेरे लिए भी क्या कोई उदास बेक़रार है।

वो तेरे खत तेरी तस्वीर और सूखे फूल,
उदास करती हैं मुझ को निशानियाँ तेरी।

दिल को बुझाने का बहाना कोई दरकार तो था,
दुःख तो ये है तेरे दामन ने हवायें दी हैं।

वह मेरा सब कुछ है पर मुक़द्दर नहीं,
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।

बेवक्त बेवजह बेसबब सी बेरुखी तेरी,
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी।

देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ,
हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए।

एक नजर भी देखना गंवारा नहीं उसे,
जरा सा भी एहसास हमारा नहीं उसे।
वो साहिल से देखते रहे डूबना हमारा,
हम भी खुद्दार थे पुकारा नहीं उसे।

काश वो समझते इस दिल की तड़प को,
तो हमें यूँ रुसवा न किया जाता।
यह बेरुखी भी उनकी मंज़ूर थी हमें,
बस एक बार हमें समझ तो लिया होता।

जब कभी फुर्सत मिले मेरे दिल का बोझ उतार दो,
मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे कोई शाम उधार दो।

चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।

प्यार ज़िन्दगी को खूबसूरत बनाने के लिए है,
पर ज़िन्दगी बस दर्द बढाने के लिए है।
मेरे अंदर की उदासी काश कोई पढ़ ले,
ये हँसता हुआ चेहरा तो दुनिया के लिए है।

बस ये जुस्तजू थी, ऐसा भी कुछ हुआ होता,
मेरी कमी ने तुझे भी रुला दिया होता।
मैं लौट आता तेरे पास एक पल में,
तेरे होंठो ने मेरा नाम तो पुकारा होता।

दिल की धड़कनो को एक लम्हा सब्र नहीं,
शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं।
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,
अब सफर तो हैं मगर वो हमसफ़र नहीं।

ए रब अगर तेरे कलम की स्याही खत्म हो गयी हो,
तो मेरा लहू लेले, यूँ कहानिया अधूरी न लिखा कर।

बेचैनियां बाजार में, नहीं मिला करती यारों,
बाँटने वाला, कोई बहुत नज़दीकी होता है।

Sad Shayari In Hindi For Facebook

तुम भी जान जाओगे इश्क का अंजाम ऐ दोस्त,
मौत किस्तो मे जब आती है तो बहुत दर्द होता है।

उसे बोल दो कि मेरे ख्वाबों मे ना आया करे,
रोज आँख खुलती हे और दिल टूट जाता है।

तुम्हारे बाद मेरा कौन बनेगा हमदर्द,
मैंने अपने भी खो दिए तुम्हे पाने की जिद में।

खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश कि,
इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये।

इश्क की हमारे बस इतनी सी कहानी है,
तुम बिछड गए हम बिख़र गए।
तुम मिले नहीं और,
हम किसी और के हुए नही।

शिकायत है उन्हें कि,
हमें मोहब्बत करना नही आता।
शिकवा तो इस दिल को भी है,
पर इसे शिकायत करना नहीं आता।

तुमको छुपा रखा है इन पलकों मे,
पर इनको ये बताना नहीं आया।
सोते हुए भीग जाती हैं पलके मेरी,
अब तक दर्द छुपाना नहीं आया।

अब तुझसे शिकायत करना,
मेरे हक मे नहीं।
क्योंकि तू आरजू मेरी थी,
पर अमानत शायद किसी और की।

अजीब है महोब्बत का खेल जा मुझे नही खेलना,
रूठ कोई और जाता है टूट कोई और जाता है।

हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है।
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है।

देख लेते हो मोहब्बत से यही काफी है,
दिल धड़कता है सहूलियत से यही काफी है।
हाल दुनिया के सताए हुए कुछ लोगों का,
जो पूछ लेते हो शरारत से यही काफी है।

इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,
जैसे कोई हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद।
मैं पूछता ही रहा उससे खताएं अपनी,
वो बहुत रोई थी मेरे सवालों के बाद।

अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े,
हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है।

बिछड़ के मुझसे तुम अपनी कशिश न खो देना,
उदास रहने से चेहरा खराब होता है।

मुझे ये डर है तेरी आरजू न मिट जाये,
बहुत दिनों से तबियत मेरी उदास नहीं।

Gulzar Sad Shayari In Hindi

जो हो सके तो चले आओ आज मेरी तरफ़,
मिले भी देर हो गई और जी भी उदास है।

उदास कर देती है हर रोज ये शाम मुझे,
लगता है तू भूल रहा है मुझे धीर-धीरे।

उसे गैरों से बात करते देखा तो थोड़ी तकलीफ हुई,
फिर याद आया हम कौन सा उसके अपने थे।

बहाना क्यों बनाते हो नाराज होने का,
कह क्यों नही देते के अब दिल मे जगह नही तुम्हारे लिए।

बस एक बार निकाल दो इस इश्क से ऐ खुदा,
फिर जब तक जियेंगे कोई खता न करेंगे।

मेरे हर दर्द की दवा हो तुम,
तुम मेरी खुशी का कारण हो।
मुझे बताओ तुम कौन हो,
केवल यह शरीर मेरा है, इसमें तुम आत्मा हो।

भला हथों की लकीरे भी मिटती है,
कितना पागल है मेरा नाम मिटा ने वाला,,
ऐ दिल थोडी हिम्मत रख दोनो मिल कर भूला।

मैं आगर तूत भी जाऊं तो आइना हूं,
तुम मेरे बाद भी हर रोज सांवरते रेहना।

बेहिसाब मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं,
चैहे तो मेरी सोच की तालाशी ले लो।

मंजिलों के गम में रोने से मंजिले नहीं मिल्ति,
होसले भी तूत जाते हैं अक्सार उदास रेहने से।

उलझी हुयी निगाहोन से मुजे देखता रहा,
आयने में खादा शख्श परेशन था बोहत।

उससे कहो के मेरी मोहब्बत को है तराह ना आजमये,
के उस्की आँखे हाय तरास जायं मुजे देख के लिए।

Sad Shayari In Hindi For Girlfriend Attitude

मुझे पता है, जब मैं नहीं होता,
तो तुम क्यों रोते हो मुझे याद करो।

दोस्ती मुस्कुरानी चाहिए,दोस्ती रोना चाहिए,
हर लम्हा खुल के जियो,,
एक बिंदु पर उसे बहस करनी चाहिए,
लेकिन इसे कभी नहीं बदलना चाहिए।

क्या आप जानते हैं कि मैंने क्या गलत किया?
रोज तुमसे बात करना तुम्हे आदत बना लिया।

वो नज़र जो देखती है मेरे दिल को मार देती है,
तेज धार ने उसे मारा, मेरे होंठ।

प्यार के इस प्यार भरे दिल में आज अचानक धड़क रहा है?
आंखें भर गईं? पानी और फिर?
रेम आपको याद करता है।
मुझे बहुत ज्यादा सपने देखना मत छोड़ो।
कभी मत तोड़ो

दिलासे पे कहाँ तक जी सकोगे,
दिलासा झूठ का इक रूप है बस।

जिसे तुम सच्चे दिल से प्यार करो उसे,
कभी मत आज़माना,,
क्यों की अगर वह गुनहगार भी हुआ तो।

दिल सोचता है कि कोई तो आए और चुपके से,
आकर चौका कर दूर कर दे इस अकेलेपन को।
फिर दिल करता है कुछ वक्त अकेले बिताने के,
इंसान जब भी अकेला होता है वह खुद के साथ होता है।

पता है इंसान अकेले रहने से क्यों डरता है,
क्योंकि जब वह अकेला होता है,,
उसे खुद का सामना करना पड़ता है।

जो वह कभी दुनिया को जो भी भीड़ में होता है,
तू अपना असली चेहरा भूल जाता है।
जब वह अकेला होता है तो,
उसका असली चेहरा उसके सामने होता है।

और उसकी हुई हर गलती हर गुनाह याद दिला कर उसे डरा रहता है,
तो निया में दुनिया में सबसे ज्यादा खुद से डरता है।
और यही एक वजह है कि इंसान दुनिया में अकेले तो आता है,
पर जीने के लिए एक साथी की तलाश में रहता है ऐसा साथी तू हमेशा उसका निभाए।

पानी में तैरना सिख लीजिए मेरे दोस्तों,
आंखों में डूबने का अंजाम बुरा होता है।

ना चाहत के अंदाज़ अलग, ना दिल के जज़्बात अलग,थी सारी
बात लकीरों की, तेरे हाथ अलग, मेरे हाथ अलग।

दिल के दर्द को दिल में ही दबा के रखा है,
आघर बयां कर देते तो सजा पाओगे।

जरा सोच समझ कर रखना,
इश्क अच्छे-अच्छे को यहां बेवफा पाओगे।

कभी मिले फुर्सत तो इतना जरूर बताना,
वो कौन सी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे न दे सके।

पतझड़ लो भी तू फुर्शत से देखा कर ऐ दिल,
हर गिरता पत्ता भी तेरी ही तरह टुटा हुआ है।

लिखना था कि खुश है तेरे बगैर भी यहाँ हम,
मगर कमबख्त आँसू है कि कलम से पहले ही चल दिये।

कितना प्यार करते हैं हम उनसे,
काश उनको भी यह एहसास हो जाए,,
मगर ऐसा न हो के होश में तब आये, जब हम गहरी।

तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है,
जिसका रास्ता बहुत खराब है।
मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा,
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।

इस दौरेसियासत का इतना सा फ़साना है,
बस्ती भी जलानी है मातम भी मनाना है।

रात आ कर गुज़र भी जाती है,
इक हमारी सहर नहीं होती।

लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तकाजा है,
मेरे दिल का दर्द अभी ताजा-ताजा है।
गिर पड़ते हैं मेरे आंसू मेरे ही कागज पर लगता है,
कि कलम में स्याही का दर्द ज्यादा है।

उनसे की हुई एक दो मुलाकातें,
हम भूल पाएंगे ना उम्र भर।
जब दिल को दर्द होगा,
लबों पे खुद व खुद आ जायेगा उनका जिकर।

जिंदगी में हर बार सहारा नहीं मिलता,
कोई प्यार से प्यारा नहीं मिलता।
जो पास हे उसे संभाल के रखो,
क्यों की अगर एक बार वह खो जाए।
तो वो फिर दोबारा नहीं मिलता।

मुझे रुला कर सोना तो तेरी आदत बन गई है,
जिस दिन मेरी आँख ना खुली तुझे नींद से नफरत हो जायगी।

माना की तेरे प्यार का मैं मालिक नहीं,
पर किरायेदार का भी कुछ हक तो बनता है।

दुख इस बात का नहीं, कि तुम मेरी ना हुई,
दुख इस बात का है, तुम यादों से ना गयी।

तेरे बदलने का दुःख नहीं है मुझको,
मैं तो अपने यकीन पर शर्मिंदा हूं।

कितना पागल है ये दिल कैसे समझाऊँ इसे,
कि जिसे तू खोना नही चाहता है,,
वो तेरा होना नही चाहता है।

तू किसी और को मयस्सर है,
इससे बढ़कर सजा क्या होगी।

वक़्त से पहले बहोत हादसों से लड़ा हूँ,
मै अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूँ।

कितने दुख देते हो,
थक तो नहीं जाते।

तेरे बाद मैंने मोहब्बत को,
जब भी लिखा गुनाह लिखा।

चेहरों को बेनक़ाब करने में,
ए बुरे वक़्त तेरा हज़ार बार शुक्रिया।

बहुत दर्द देती हैं तेरी यादें,
सो जाऊं तो जगा देती हैं,,
जग जाऊं तो रुला देती हैं।

मुझे मुर्दा समझकर रोले,
अब अगर मै ज़िंदह हूँ,,
तो तेरे लिए नहीं हूँ।

लगता है इस बादल का भी दिल टूटा है,
बोलता कुछ भी नहीं बस रोये जा रहा है।

काश चाहने वाले,
हमेशा चाहने वाले ही रहते।
पर लोग अक्सर बदल जाते है,
मोहब्बत हो जाने के बाद।

क्या करोगे अब मेरे पास आकर,
खो दिया तुमने बार बार आज़मा कर।

इश्क़ अधूरा रहा तो क्या हुआ,
हम तो पूरे बर्बाद हुए।

अल्फ़ाज़ सिर्फ चुभते हैं,
खामोशियां मार देते हैं।

आज कल वो हमसे डिजिटल नफरत करते हैं,
हमें ऑनलाइन देखते ही ऑफलाइन हो जाते हैं।

बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे धीरे,
इक शहर अब इनका भी होना चाहिए।

आँखें थक गई है आसमान को देखते देखते,
पर वो तारा नहीं टूटता, जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ।

रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की,
ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी।

तुझसे अच्छे तो जख्म हैं मेरे,
उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ।

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ,
कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है।

तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे तुम्हारे सिवा।

क्या बात है, बड़े चुपचाप से बैठे हो,
कोई बात दिल पे लगी है या दिल कही लगा बैठे हो।

किसी को न पाने से जिंदगी खत्म नहीं होती,
लेकिन किसी को पाकर खो देने से कुछ बाकी भी नहीं रहता।

सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे,
खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया।

वो छोड़ के गए हमें,
न जाने उनकी क्या मजबूरी थी।
खुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहीं,
ये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी।

ना वो सपना देखो जो टूट जाये,
ना वो हाथ थामो जो छुट जाये।
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।

बारिशे हो ही जाती है मेरे शहर में,
कभी बादलो से तो कभी आँखों से।

वो रो रो कर कहती रही,
मुझे नफरत है तुमसे।
मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है,
की अगर नफरत ही थी तो वो इतना रोई क्यों।

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जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें,
हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें।
मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी,
क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं।

काश एक दिन ऐसा भी आए,
वक़्त का पल पल थम जाए।
सामने बस तुम ही रहो,
और उमर गुज़र जाए।

वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो,
वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो।
कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको,
क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो।

दुख का समा मुझे घेर लेता है,
जब तेरी याद में ये पल भर के लिए होता है।
ना जाने कब वो दिन आएगा,
जब हर पल इस ज़िन्दगी का तेरे साथ गुजर जाएगा।

मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही,
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही।
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है,
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही।

जान से ज्यादा प्यार उन्हें किया करते थे,
याद उन्हें दिन रात किया करते थे।
अब उन राहों से गुज़रा नहीं जाता,
जहाँ बैठकर उनका इंतजार किया करते थे।

दर्द को दर्द अब होने लगा है,
दर्द अपने गम पे खुद रोने लगा है।
अब हमें दर्द से दर्द नही लगेगा,
क्योंकि दर्द हमको छू कर खुद सोने लगा है।

प्यार किया तुझको दिलोजान से,
इस दिल में तुमको इस कदर बसा लिया।
भुला ना पाया है ये दिल तुझको आज तक,
लेकिन तुमने तो इसे दुख के आंसू रुला दिया।

दिल मे आरज़ू के दिये जलते रहेगे,
आँखों से मोती निकलते रहेगे।
तुम शमा बन कर दिल में रोशनी करो,
हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे।

किसी की चाहत पे ज़िंदा रहने वाले हम ना थे,
किसी पर मर मिटने वाले हम ना थे।
आदत सी पड़ गयी, तुम्हे याद करने की,
वरना किसी को याद करने वाले हम ना थे।

सामने मंजिल तो रास्ते ना मोड़ना,
जो मन मे हो वो ख़्वाब ना तोड़ना।
हर कदम पर मिलेगी सफ़लता,
बस आसमान छूने के लिए जमीन ना छोड़ना।

आती है तेरी याद अंधेरे की तरह,
उदास करती है मुझे गम की तरह।
मुझे तो अब बस उस दिन का इंतजार है,
जब तू आएगी मेरी ज़िन्दगी में सवेरे की तरह।

प्यार में मौत से डरता कोन है,
प्यार हो जाता है करता कोन है।
आप जैसे यार पर हम तो क्या सारी दुनियां फिदा है,
लेकिन हमारी तरह आप पर मरता कौन है।

माना कि तू नहीं है मेरे सामने,
पर तू मेरे दिल में बसता हैं।
मेरे हर दुख में मेरे साथ होता है,
और हर सुख में मेरे साथ हसता है।

चेहरे पर हँसी छा जाती है,
आँखों में सुरूर आ जाता है।
जब तुम मुझे अपना कहते हो,
अपने आप पर ग़ुरूर आ जाता है।

दुख भरी मेरी ज़िन्दगी को उसने,
खुशियों से भरी जन्नत बना दिया।
खुदा ने सुनी मेरी ऐसी पुकार,
मेरे दोस्त को मेरी मांगी हुई मन्नत बना दिया।

उदास नज़रो में ख़्वाब मिलेंगे,
कभी काटे तो कभी गुलाब मिलेंगे।
मेरे दिल की किताब को मेरी नज़रो से पढ़ कर तो देखो,
कही आपकी यादे तो कही आप मिलेंगे।

जानने की कोशिश की थी तुमको,
तुमने कभी मुझ पर ध्यान ना दिया।
गैरों पर तुम्हे गहरा विश्वास था,
जिसने अपना समझा उस पर विश्वास ना किया।

हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे,
कभी चाहा किसी ने खुद तुम कहोगे।
हम ना होंगे तो ये आलम ना होगा,
मिलेंगे बहुत से पर हम सा कोई पागल ना होगा।

हाथो की लकीरे देख कर ही रो देता है अब तो ये दिल,
इसमें सब कुछ तो है पर एक तेरा नाम ही नही।

ना समझो कि हम आपको भुला सकेंगे,
आप नही जानते की दिल मे छुपा कर रखेंगे।
देख ना ले आपको कोई हमारी आँखों मे दूर से,
इसलिए हम पलके झुका के रहेंगे।

बनके अजनबी मिले है ज़िंदगी के सफर में,
इन यादों को हम मिटायेंगे नहीं।
अगर याद करना फितरत है आपकी,
तो वादा है हम भी आपको भुलायेंगे नहीं।

दर्द बन कर दिल में छुपा कौन है,
रह रह कर इसमें चुभता कौन है।
एक तरफ दिल है और एक तरफ आइना,
देखते है इस बार पहले टूटता कौन है।

पत्ते गिर सकते है पर पेड़ नहीं,
सूरज दुब सकता है पर आसमान नहीं।
धरती सुख सकती है पर सागर नहीं,
तुम्हे दुनिया भूल सकती है पर हम नहीं।

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चाहा ना उसने मुझे बस देखता रहा,
मेरी ज़िंदगी से वो इस तरह खेलता रहा।
ना उतरा कभी मेरी ज़िंदगी की झील में,
बस किनारे पर बैठा पत्थर फेंकता रहा।

पाया तुम्हे तो सपने सच लगने लगे,
तुम अज़नबी आज अपने लगने लगे।
होता नहीं यकीं खुद की किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन मे बसने लगे।

पाने से खोने का मज़ा कुछ और है,
बंद आँखों से सोने का मज़ा कुछ और है।
आँसू बने लफ़ज़ और लफ़ज़ बनी जुबा,
इस ग़ज़ल में किसी के होने का मज़ा कुछ और है।

सांसो का पिंजरा किसी दिन टूट जायेगा,
ये मुसाफिर किसी राह में छूट जायेगा।
अभी जिन्दा हु तो बात कर लिया करो,
क्याब पता कब हम से खुदा रूठ जायेगा।

कभी रूठ ना जाना मुझे मनाना नहीं आता,
कभी दूर ना जाना मुझे पास बुलाना नहीं आता।
अगर तुम भूल जाओ तो वो तुम्हारी मर्जी,
हमें तो भूल जाना भी नहीं आता।

हज़ारो बातें मिल कर एक राज़ बनता है,
सात सुरों के मिलने से साज़ बनता है।
आशिक़ के मरने पर कफ़न भी नहीं मिलता,
और हसीनाओ के मरने पर ताज़ बनता है।

सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें।
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।

दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी।
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी।

होले होले कोई याद आया करता है,
कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है।
उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,
जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है।

सच जान लो अलग होने से पहले,
सुन लो मेरी भी अपनी सुनने से पहले।
सोच लेना मुझे भुलने से पहले,
रोई है बहुत ये आंखे मुस्कुराने से पहले।

सांस लेने से तेरी याद आती है,
सांस नहीं लेता तो जान भी जाती है।
कह दू कैसे की इस सांस से जिंदा हूं मै,
ये सांस भी तो तेरी याद के बाद ही आती है।

जिंदगी तो कट ही जाती है,
बस यही एक जिंदगी भर,,
गम रहेगा की हम उसे ना पा सके।

तेरे जाने के गम में रो कर रात गुजरती है,
आखिर क्यों तूने मुझे धोखा दिया,
तेरे बिना जिंदगी अब अधूरी सी लगती है,
किस लिए तूने मुझे अकेला छोड़ दिया।

उदास हूँ, पर आपसे नाराज नहीं,
आपके दिल में हूँ, पर आपके पास नहीं।
झूठ कहूँ तो सब कुछ मेरे पास हैं,
और सच कहूँ, तो आपकी यादो के सिवा कुछ भी नहीं।

उन्हें चाहना मेरी कमज़ोरी हैं,
उनसे कह नहीं पाना मेरी मज़बूरी हैं।
वो क्यों नहीं समझते मेरी खामोशी,
क्या प्यार का इज़हार करना जरुरी हैं।

मेरी तन्हाई को मेरा शौक मत समझना,
क्योंकि किसी अपने ने ये बहुत प्यार से दिया था तोहफे में।

अब तो मेरे दुश्मन भी मुझे ये कह कर अकेला छोड़ गये,
की जा तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए।

मोहब्बत कभी झूठी नही होती है,
झूठे तो कसमे, वादे और लोग होते हैं।

याद बन कर मुझे सताओ ना तुम इस तरह,
तेरी याद में मेरा रो रो कर बुरा हाल है।
बस एक बार मेरी ज़िन्दगी में वापस आ जाओ,
मेरे दिल में बस अब तेरा ही ख्याल है।

हमारे अकेले रहने की एक वजह ये भी है,
की हमे झूठे लोगो से रिश्ता तोड़ने में,,
ज़रा भी डर नही लगता है।

इश्क़ ऐसा था कि उनको बता ना सके,
चोट थी दिल पे जो दिखा ना सके।
नहीं चाहते थे हम उनसे दूर होना,
लेकिन दूरी इतनी थी कि हम मिटा ना सके।

दुआ करो जो जिसे मोहब्बत करे वो उसे मिल जाये,
क्योंकि बहुत रुलाती है ये अधूरी मोहब्बत।

अकेला छोड़ कर मुझे तुम तनहा कर गए,
अधूरा सा मेरा हर लम्हा कर गए।
प्यार क्यों किया मुझसे अगर निभाना ना था,
बस जिंदा है अब ये शरीर,मेरे जज्बात मर गए।

ये तो सच है ये ज़िन्दगानी उसी को रुलाती है,
जिसके आँसू पोछने बाला कोई नही होता है।

अब तेरा नाम ही काफी है,
मेरा दिल दुखाने के लिए।

वो दर्द दे गए सितम भी दे गए,
ज़ख्म के साथ वो मरहम भी दे गए।
ओ लफ्जो से कर गए अपना मन हल्का,
हमे कभी न रोने की कसम दे गए।

See also  {280+} झूठे लोग शायरी || Jhuthe Log Shayari In Hindi

कहाँ कोई मिला ऐसा जिसपे दिल लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया किस किसको भुला देते।
अपने दर्द को दिल ही में दवाये रखा,
करते बयां तो महफ़िलों को रुला देते।

इंसान की ख़ामोशी ही काफ़ी है,
ये बताने के लिये की वो अंदर से टूट चूका है।

न सीरत नज़र आती है,
न सूरत नज़र आती है।
यहाँ हर इंसान को बस,
अपनी ज़रूरत नज़र आती है।

हम जले तो सब चिराग समझ बैठे,
जब महके तो सब गुलाव समझ बैठे।
मेरे लफ्जों का दर्द किसी ने नहीं देखा,
शायरी पड़ी तो शायर समझ बैठे।

गुजरता वक़्त हमें एहसास दिला देता है,
जिसे चाहते हैं हम वो ही दिल दुखा देता है।
वक़्त मरहम लगा देता है जिन जख्मो पर,
कोई अपना उस दर्द को फिर से जागा देता है।

पूछा था हाल उन्होंने मेरा,
बड़ी मुद्दतों के बाद।
कुछ गिर गया है आँख में,
कह कर हम रो पड़े।

हमने कब माँगा है,
अपनी वफाओं का सिला।
बस दर्द देते रहा करो,
मोहब्बत बढ़ती जाएगी।

बरसो गुजर गए रोकर नहीं देखा,
आँखों में नींद थी सोकर नहीं देखा।
आखिर वो क्या जाने दर्द मोहब्बत का,
जिसने किसी को कभी खोकर नहीं देखा।

खुदा करे कोई इश्क़ का शिकार ना हो,
जुदा अपने प्यार से कोई प्यार ना हो।
मैं उसके बिना ज़िंदगी गुज़ार दूँ,
बेशर्ते उसको किसी से प्यार ना हो।

अब शिकवा करें भी तो करें किससे,
क्योंकि ये दर्द भी मेरा,,
और दर्द देने वाला भी मेरा।

किसी की याद दिल में आज भी है,
वो भूल गए मगर हमें प्यार आज भी है।
हम खुश रहने की कोशिश तो करते हैं मगर,
अकेले में आंसू बहते आज भी हैं।

तेरा हर अंदाज़ अच्छा था,
लेकिन नज़रंदाज़ करे के सिवा।

कहता था तू ना मिला मुझे, तो मैं मर जाऊंगा,
वो आज भी जिंदा है यही बात, किसी और से कहने के लिए।

अब तो इस राह से वो शख़्स गुजरता भी नहीं,
अब किस उम्मीद पे दरवाज़े से झाँके कोई।

क्या बेमिसाल प्यार था, मेरे यार का,
वादे किए मुझसे, निभाए किसी और के साथ।

परेशां हैं वो Ishq कर के,
वफ़ा निभाने की नौबत जो आ गई है।

तुम्हारी फिक्र करने के लिए रिश्ता होना जरुरी तो नहीं,
एहसास की ही तो बात है तुम्हारी इजाजत भी जरुरी नहीं।

लिखते हैं सदा उन्ही के लिए,
जिन्होंने हमे कभी पढा ही नही।

तुम मूड में नहीं थे तो क्यू बनाया मुझे रब,
मिट्टी दुबारा गुथो और फिर से बनाओ मुझे।

भूख घूम रही है शहर की हर सड़क पर,
लाल टीशर्ट ज़ोमेटो की पहन कर।

लोग बाज़ार मे आके बिक भी गये,
मेरी क़ीमत लगी की लगी रह गयी।

वो जो कहते थे हम आपसे ही बात करते हैं,
वो ना जाने अब कितनों से बात करते हैं।

अब मै थक गयी हूं,
हवा से कह दो बुझा दे मुझे।

झूठी हँसी से जख्म और बढ़ता गया,
इससे अच्छा तो खुल कर रो लिए होते।

मिलकर भी उनसे हसरत-ए-मुलाकत रह गई,
बादल तो घर आये थे, बस बरसात रह गई।

ये किस मकाम पर जिंदगी मुझको लेके आ गयीं,
ना बस खुशी पे है जहाँ, ना गम पे इख़्तियार हैं।

रहने दो कि अब तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे,
बरसात में काग़ज़ की तरह भीग गयी हूँ।

हर गम निभा रही हूँ खुशी के साथ,
फिर भी आँसू आ ही जाते हैं हँसी के साथ।

तन्हाई हो लेती है साथ मेरे,
साये से जुदा होते ही,,
इसलिए अँधेरे में चलने से बेहद डरने लगी हूँ मैं।

मैं न कहूँगा दांस्ता अपनी,
फिर कहोगे सुनी नहीं जाती।

हमने ख़ामोशी के लिफाफे में भेजे थे दिले जजबात,
वे करते रहे किसी और से अपने दिल की बात।

सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह,
उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह।

अपनों के दिये गम,
कह भी नहीं पाते,,
सह भी नहीं पाते।

अकेले ही काटना है मुझे ऐ जिन्दगी का सफर,
यूँ पल-दो-पल साथ चलकर मेरी आदत खराब न करो।

कुछ इस तरह पढे गए हम, जैसे पुराना अखबार थे,
कुछ इस तरह छूट गए हम, जैसे गणित का सवाल थे।

ख़त में मेरे ही ख़त के टुकड़े थे और,
मैं समझा के मेरे ख़त का जवाब आया है।

संभलकर चलना हम भी जानते थे,
पर ठोकर भी लगी उसी पत्थर से जिसे हम अपना समझते थे।

उनकी सारी गलतियों को हम,
उनकी नादानी समझ कर भूल गए,,
कभी समझ में नहीं आया नादान वो थे या हम।

जब रिश्ता नया होता है तो,
लोग बात करने का बहाना ढ़ुंढ़ते है।
और जब वही रिश्ता पुराना हो जाता है,
तो लोग दूर होने का बहाना ढूढ़ते है।

तन्हाई में अकेलापन सहा जायेगा,
लेकीन महफ़िल में अकेले रहा न जायेगा।
आपका साथ न हो तो भी जी लेंगे,
पर साथ आपके कोई और हो तो सहा न जायेगा।

नज़र की चोट जिगर में रहे तो अच्छा है,
ये बात घर की है, घर में रहे तो अच्छा है।

भर जायेंगे ज़ख़्म भी तुम ज़माने से ज़िकर ना करना,
ठीक हूँ मैं तुम मेरे दर्द की फिकर ना करना।

मेरी आँखें ही बता देती हैं के,
मैने अपने सपने गवां दिए हैं।

हमारे साथ हो कर भी नहीं है,
शिकायत क्या करें उस गुम-शुदा की।

एक खत के इंतज़ार में,
हमने आज तक अपना पता नही बदला।

उस ने मस्जिद के सामने घर क्या खरीदा,
पल भर में सारा शहर नमाज़ी हो गया।

रूहानी इश्क़ होता है जब,
जिस्म की प्यास नहीं होती।
हवा का रंग नहीं होता,
इश्क़ की जात नहीं होती।

एहसास-ए-मोहब्बत क्या है,
ज़रा हमसे पूछो।
करवट तुम बदलते हो.
नींद मेरी खुल जाती है।

अभी खूबसूरत चेहरा है,
आशिक बहुत होंगे।
जो झुर्रियां भी चूमे,
दिलबर ऐसा तलाश कर।

हर किसी पर ऐतबार जरा सोच कर करना तुम,
मुमकिन नहीं तुम्हें हर जगह मैं ही मिलूँ।

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