{222+} मोहब्बत की गम भरी शायरी || Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari

तो दोस्तों आज हमारा आप लोगों के साथ साझा करने वाले हैं मोहब्बत की गम भरी शायरी का बहुत सारा कलेक्शन जो कि आप लोगों को पढ़कर सुकून मिलेगा या फिर अच्छा लगेगा।

मोहब्बत के गम भरी शायरी आप लोग सर्च ही क्यों करते हो क्योंकि आपको मोहब्बत में गम मिला होगा या फिर मिल रहा है।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में,
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari,
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी,
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari,

और आप लोग कुछ ऐसी शायरी या फिर ऐसी लाइंस पढ़ना चाहते हैं जिसको पढ़ कर आपको आपकी मोहब्बत का जो गम है उसमें कुछ सुकून मिले या फिर अच्छा लगे उनको पढ़कर इसीलिए।

वो कहते हैं ना लोग की 4 दिन की चांदनी बाकी अंधेरी रातें यह तो सही है इस मोहब्बत की दुनिया में क्योंकि मोहब्बत में हमेशा यही होता है कुछ ही दिनों या फिर कुछ ही पलों की खुशियां होती है और बाकी तो काली रातें होती है।

अगर आप लोग गूगल पर या फिर किसी अन्य सर्च इंजन से सर्च करके यहां पर आए हो तो आप सही जगह पर आए हो क्योंकि यहां पर आप लोगों को आपके पसंद की शायरी मतलब कि मोहब्बत की गम भरी शायरी जरूर मिल जाएगी।

मोहब्बत की गम भरी शायरी 2022

कुछ सोचु तो तेरा ख्याल आ जाता है,
कुछ बोलू तो तेरा नाम आ जाता है।
कब तलक ब्यान करूँ दिल की बात,
हर सांस में अब तेरा एहसास आ जाता है।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

कुछ सोचु तो तेरा ख्याल आ जाता है,
कुछ बोलू तो तेरा नाम आ जाता है।
कब तलक ब्यान करूँ दिल की बात,
हर सांस में अब तेरा एहसास आ जाता है।

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,
रेत पर नाम कभी टिकते नहीं।
लोग कहते है की हम पत्थर दिल हैं,
लेकिन पत्थरो पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,
रेत पर नाम कभी टिकते नहीं।
लोग कहते है की हम पत्थर दिल हैं,
लेकिन पत्थरो पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं।

खुदा से क्या मांगू तेरे वास्ते,
सदा खुशियाँ हो तेरे रास्ते।
हंसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह,
खुशबु फूलो का साथ निभाती है जिस तरह।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

खुदा से क्या मांगू तेरे वास्ते,
सदा खुशियाँ हो तेरे रास्ते।
हंसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह,
खुशबु फूलो का साथ निभाती है जिस तरह।

आज हम उनको बेवफा बताकर आए हैं,
उनके खतों को पानी में बहाकर आए हैं।
कोई निकाल न ले उन्हें पानी से,
इसलिए पानी में भी आग लगाकर आए हैं।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

आज हम उनको बेवफा बताकर आए हैं,
उनके खतों को पानी में बहाकर आए हैं।
कोई निकाल न ले उन्हें पानी से,
इसलिए पानी में भी आग लगाकर आए हैं।

लबों पे नाम है जिनका उन्हें कुछ भी खबर नहीं,
गजल में दर्द है जिनका उन्हें कुछ भी खबर नहीं।
आईना मेरा मेरे अपनों से बढ़कर निकला,
जब भी मैं रोया कमबख्त मेरे साथ ही रोया।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

लबों पे नाम है जिनका उन्हें कुछ भी खबर नहीं,
गजल में दर्द है जिनका उन्हें कुछ भी खबर नहीं।
आईना मेरा मेरे अपनों से बढ़कर निकला,
जब भी मैं रोया कमबख्त मेरे साथ ही रोया।

लगी है मुझको गुलाबों की बद्दुआ शायद,
जिनको तोड़ा था मैंने कभी तेरे लिए।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

लगी है मुझको गुलाबों की बद्दुआ शायद,
जिनको तोड़ा था मैंने कभी तेरे लिए।

इस नाजुक दिल से में किसी के लिए,
इतनी मोहब्बत आज भी है यारों कि हर रात जब तक।
आँखें ना भीग जाये तब नींद नहीं आती।।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

इस नाजुक दिल से में किसी के लिए,
इतनी मोहब्बत आज भी है यारों कि हर रात जब तक।
आँखें ना भीग जाये तब नींद नहीं आती।।

आजाद कर देंगे तुम्हें अपनी चाहत की कैद से,
मगर वो शख्स तो लाओ जो हमसे ज्यादा कदर करे तुम्हारी।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

आजाद कर देंगे तुम्हें अपनी चाहत की कैद से,
मगर वो शख्स तो लाओ जो हमसे ज्यादा कदर करे तुम्हारी।

याद आयेगी हर रोज मगर तुझे आवाज न दूँगी,
लिखूंगी तेरे ही लिए हर गजल मगर तेरा नाम न लूँगी।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

याद आयेगी हर रोज मगर तुझे आवाज न दूँगी,
लिखूंगी तेरे ही लिए हर गजल मगर तेरा नाम न लूँगी।

मोहब्बत की बर्बादी का क्या अफसाना था,
दिल के टुकड़े हो गये पर लोगों ने कहा वाह क्या निशाना था।
ऐ खुदा इस दुनिया में एक और भी कमाल कर,
या इश्क को आसान कर या खुदकुशी हलाल कर।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

मोहब्बत की बर्बादी का क्या अफसाना था,
दिल के टुकड़े हो गये पर लोगों ने कहा वाह क्या निशाना था।
ऐ खुदा इस दुनिया में एक और भी कमाल कर,
या इश्क को आसान कर या खुदकुशी हलाल कर।

Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari 2022

बहुत सोचकर बाजार गई थी अपने कुछ आँसु बेचने,
हर खरीददार बोला अपनों के दिये तोहफे बेचा नहीं करते।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

बहुत सोचकर बाजार गई थी अपने कुछ आँसु बेचने,
हर खरीददार बोला अपनों के दिये तोहफे बेचा नहीं करते।

खुदा ने पूछा… क्या सजा दूँ तेरे प्यार को,
दिल से आवाज आई।
मुझसे मोहब्बत हो जाये मेरे यार को।।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

खुदा ने पूछा… क्या सजा दूँ तेरे प्यार को,
दिल से आवाज आई।
मुझसे मोहब्बत हो जाये मेरे यार को।।

मैं भी सनम बनाता किसी को तराश कर,
मुझको मेरी मिजाज का कहीं पत्थर नहीं मिला।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

मैं भी सनम बनाता किसी को तराश कर,
मुझको मेरी मिजाज का कहीं पत्थर नहीं मिला।

मोहब्बत करने वालों को वक्त कहाँ जो गम लिखेंगे,
ऐ-दोस्तों कलम इधर लाओ,
इन बेवफाओं के बारे में हम लिखेंगे।।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

मोहब्बत करने वालों को वक्त कहाँ जो गम लिखेंगे,
ऐ-दोस्तों कलम इधर लाओ,
इन बेवफाओं के बारे में हम लिखेंगे।।

पगली तू तो एक ही कसम से डर गई,
हमें तो तेरी कसम दे कर हर किसी ने लूटा।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

पगली तू तो एक ही कसम से डर गई,
हमें तो तेरी कसम दे कर हर किसी ने लूटा।

इश्क लिखना चाहा तो कलम भी टूट गई,
ये कहकर अगर लिखने से इश्क मिलता तो,,
आज इश्क से जुदा होकर कोई टूटता नहीं।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

इश्क लिखना चाहा तो कलम भी टूट गई,
ये कहकर अगर लिखने से इश्क मिलता तो,,
आज इश्क से जुदा होकर कोई टूटता नहीं।

दुआ करते हैं हम सर झुका के,
आप अपनी मंजिल को पायें।
अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,
तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

दुआ करते हैं हम सर झुका के,
आप अपनी मंजिल को पायें।
अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,
तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए।

उसके दिल में थोड़ी सी जगह मांगी थी मुसाफिरों की तरह,
उसने तन्हाइयों का एक शहर मेरे नाम कर दिया।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

उसके दिल में थोड़ी सी जगह मांगी थी मुसाफिरों की तरह,
उसने तन्हाइयों का एक शहर मेरे नाम कर दिया।

कहते हैं प्यार की शुरुआत आँखों से होती है,
पर यारों प्यार की कीमत भी आँखों से ही चुकानी पड़ती है।
जरा देखो ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है,
अगर इश्क हो तो कहना यहाँ दिल नही रहता।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

कहते हैं प्यार की शुरुआत आँखों से होती है,
पर यारों प्यार की कीमत भी आँखों से ही चुकानी पड़ती है।
जरा देखो ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है,
अगर इश्क हो तो कहना यहाँ दिल नही रहता।

भुला तो देता दोस्तों अगर वो यादों में ना होती,
कमबख्त वो मेरे जिस्म में रूह बनकर समायी हुई है।

मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में
Mohabbat Ki Gam Bhari Shayari
प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी
Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

भुला तो देता दोस्तों अगर वो यादों में ना होती,
कमबख्त वो मेरे जिस्म में रूह बनकर समायी हुई है।

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मोहब्बत की गम भरी शायरी हिंदी में

राज जाहिर ना होने दो तो एक बात कहूँ,
मैं धीरे-धीरे तेरे बिन मर जाऊँगा।

तेरी ख़ुशी की खातिर मैंने कितने गम छिपाए,
अगर मैं हर बार रोता तो तेरा शहर डूब जाता।

हर शख्स परिन्दों का हमदर्द नहीं होता दोस्तों,
बहुत बेदर्द बैठे हैं दुनिया मे जाल बिछाने वाले।

इतनी मुश्किल भरी राह नहीं थी हमारी मोहब्बत की,
कुछ जमाना खिलाफ हुआ तो कुछ बेवफा हो गए।

ना लफ्जों का लहू निकलता है ना किताबें बोल पाती हैं,
मेरे दर्द के दो ही गवाह थे और दोनों ही बेजुबां निकले।

भर जायेंगे जख्म भी तुम जमाने से जिक्र ना करना,
ठीक हूँ मैं तुम मेरे दर्द की फिक्र ना करना।

कीमती चीजें अक्सर खो गई मुझसे,
एक बचपन, चंद खत, सपने और एक वो लड़की।

इश्क बेच रहे थे कुछ लोग बाजार में,
मैंने पूछा वफा भी साथ मिलेगी क्या,,
इतना सुनते ही लोग बुरा मान गए।

तेरे इश्क का सुरूर था जो खुद को बर्बाद किया,
वरना दुनिया मेरी भी दीवानी थी।
मरने को मर भी जाऊँ कोई मसला नहीं,
लेकिन ये तय तो हो कि अभी जी रहा हूँ मैं।

बड़ी उम्मीद थी उनको अपना बनाने की,
तमन्ना थी उनके हो जानें की।
दिल के हर कोने में उनका ही शोर था,
हम जिसे जान से ज्यादा चाहने लगे,,
कमबख्त उनके दिल में ही कोई और था।

मोहब्बत गम भरी शायरी

मालूम था और मालूम है कि कुछ भी हासिल नहीं होगा,
लेकिन वो इश्क ही क्या जिसमें खुद को तड़पाया ना जाये।

मेरे चुप रहने से नाराज ना हुआ करो,
कहते हैं टूटे हुए लोग हमेशा खमोश हुआ करते है।

अच्छा हुआ तुमने तोड़ दिया गुस्ताख दिल को,
कमबख्त तुमसे प्यार बहुत करता था।

आपको मिल गयी चमकती चाँदनी मुबारक,
मेरे हिस्से तन्हाई में गूंजते सन्नाटे ही ठीक हैं।

सबके कर्जे चुका दूँ मरने से पहले अब ऐसी नियत है मेरी,
मौत से पहले जिन्दगी भी बिक गई सिर्फ एक दिल के लिए।

अभी तक देखी कहाँ है तूने मेरी मोहब्बत की इन्तहाँ,
सदियाँ लग जाती है खुदा को ऐसा दिल बनाने में।

मरकर भी तुझको देखते रहने की हसरत में,
आंखें भी किसी को अमानत में दे जायेंगे हम।

कितनी बार बेरहमी से मरे हुए को तुम जलाओगे,
शायद मेरा दिल अभी जला नहीं क्योंकि उसमें तुम जो हो।

जान से भी जयादा उनको मोहब्बत करते थे,
याद उन्हे हर पल हर दिन किया करते थे।
अब तो उन गलियों से गुजर भी नहीं सकते,
जहाँ बैठकर उनका इंतजार किया करते थे।

हमारे आंसूं पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं,
उनकी इस अदा से वो दिल को चुराते हैं।
हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को,
बस इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं।

प्यार मोहब्बत गम भरी शायरी

घायल करके मुझे उसने पूछा क्या मोहब्बत करोगे फिर मुझसे,
मेरा दिल तो लहू-लहू था मगर होठों ने कहा हाँ बेइंतहाँ।

न जाने किस हुनर को शायरी कहते हो आप,
हम तो वो लिखते हैं जो तुमसे कह नहीं पाते।

फिक्र मत कर जिक्र मत कर और,
ये दुआ सलाम तो रहने दें मोहतरमा।
रंजिश में ही सही पर कम से कम,
तेरी जुबान पे मेरा नाम तो रहने दे।

मेरे मरने के बाद हम तुम्हें हर तारे में नजर आया करेंगे,
मन करे तो तुम दुआ माँग लेना हम तुरंत टूट जाया करेंगे।

ऐ दोस्त जब कभी भी तू बहुत उदास होगा,
मेरा ख्याल तेरे दिल के आस-पास होगा।
दिल की गहराईयों से जब भी याद करोगे,
तुम्हें हमारे करीब होने का एहसास होगा।

यादों की भीड़ में आपकी परछाई सी लगती है,
कानों में कोई आवाज़ एक शहनाई सी लगती है।
जब आप करीब हैं तो अपना सा लगता है,
वरना सीने में सांस भी पराई सी लगती है।

अगर मिल जाती सबको अपनी मोहब्बत की मंजिल,
तो फिर इन रातों के अंधेरे में शायरी कौन लिखता।

हमें क्या पता था की जिन्दगी इतनी अनमोल है दोस्तों,
कफन ओढ़ के देखा तो नफरत करने वाले भी रो रहे थे।

कोई तो करता होगा हमसे खामोश मोहब्बत,
शायद हम भी तो किसी की अधूरी मोहब्बत रहे होंगे।

दिल उनके लिए ही मचलता है,
ठोकर खाता है और संभलता है।
किसी ने इस कदर कर लिया दिल पर कब्जा,
दिल मेरा है पर उनके लिए ही धड़कता है।

Mohabbat Ka Dard Bhari Shayari

अब दिल पर लग जाती है हमारी बातें,
जो कहते थे तुम कुछ भी कहो हमें अच्छा लगता है।

चलो मान लिया हमनें कि मुझे मोहब्बत करनी नहीं आती,
मगर ये भी तो बताओ तुम्हें दिल तोड़ना किसने सिखाया।

गहरी रात भी थी हम डर भी सकते थे,
हम जो कहे ना सके वो कर भी सकते थे।
तुम ने साथ छोड़ दिया हमारा ये भी ना सोचा,
हम पागल थे तेरे लिए मर भी सकते थे।

अजीब ज़ुल्म करती है तेरी यादें मुझे पर,
सो जाऊ तो उठा देती हैं,,
जाग जाऊ तो रुला देती है।

कुछ पल के लिए मुझे अपनी बाहों में सुला दे,
अगर आँख खुली तो उठा देना और अगर न खुली तो दफना देना।

बहुत याद आते हो तुम,
दुआ करो मेरी यादाश्त चली जायें।

आज कल मेरी कमी भी उसे सताती नहीं,
लगता है किसी और ने पूरी करदी है।

शुक्रिया तेरा मुझे मेरी औकात बताने के लिए,
प्यार को खेल और मुझे मजाक बनाने के लिए।

दिन मैं काम सोने नहीं देता,
रात मैं एक नाम सोने नहीं देता।

अभी दर्द नहीं हुआ है उनको,
अभी वो इश्क नहीं समझेंगे।

प्यार मोहब्बत की गम भरी शायरी

कितनी खामोश मुस्कराहट थी,
शोर बस आँख की नमी में था।

दर्द की भी अपनी ही एक अदा है,
वो भी सिर्फ सहने वालों पर ही फिदा है।

कभी ज़रूरत पड़े तो आवाज़ दे देना,
मैं गुज़रा वक़्त नहीं जो वापिस न आऊ।

वक्त के साथ कई दर्द मेरी जान,
अब पुराने निकले।
कुछ गम ऐसे थे मेरी जान,
जो तेरे बहाने निकले।

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है।
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है।

कुछ राज़ तो क़ैद रहने दो मेरी आँखों में,
हर किस्से तो शायर भी नहीं सुनाता है।

मोहब्बत कि ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तकलीफ से डर लगता है।
जो मुझे तुजसे जुदा करते है,
हाथ कि वो लकीरो से डर लगता है।

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें,
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।

मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है।
देकर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में वो आपसे ज्यादा रोता है।

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही,
रवैये अजनबी हो जाये तो बडा दर्द होता है।

किसी की चाहत पे ज़िंदा रहने वाले हम ना थे,
किसी पर मर मिटने वाले हम ना थे।
आदत सी पड़ गयी तुम्हे याद करने की,
वरना किसी को याद करने वाले हम ना थे।

नसीहत अच्छी देती है दुनिया,
अगर दर्द किसी ग़ैर का हो।

कोई बात किसी की भी अब बूरी नहीं लगती,
तेरी दूरी भी अब तो मुझे दूरी नहीं लगती।
हूं मसरूफ समेटने में ज़िन्दगी को इस तरह,
तेरी मौजूदगी भी इसमें अब जरूरी नहीं लगती।

बिन मेरे रह ही जाएगी कोई न कोई कमी,
तुम ज़िंदगी को जितनी मर्जी सँवार लेना।

Pyar Mohabbat Ki Dard Bhari Shayari

मुदद्तो बाद आज फिर परेशान हुआ है दिल,
जाने किस हल में है मुझे छोड़ने वाला।

मै ठहर गया वो गुज़र गयी वो क्या गुजरी,
की हमारी पूरी ज़िन्दगी ठहर गयी।

कभी जिन्होंने वादा किया आपको कभी ना रोने देंगे,
आंसू भरी आंख लेकर आपको कभी सोने देंगे।
आखिर वहीं हमारी जिंदगी का आंसू बन गए,
जो कहते थे आपको कभी खोने ना देंगे।

काश तुम आओ और गले लगाकर कहो,
मेरा भी दिल नहीं लगता तुम्हारे बिना।

मेरी किस्मत देखकर प्यार भी शर्मिंदा है,
की वो इंसान जो सब ख़त्म कर गया,,
फिर भी कैसे जिन्दा है।

अभी टाइम ख़राब हैं,
बस इसलिए मैं चुप हु।
एक न एक दिन सबका हिसाब होगा,
जिस दिन ये दिमाग ख़राब होगा।

तुम आज भी याद आते हों,
आखो में आसू भर लाते हो।
जब आना ही नहीं था ज़िन्दगी में,
फिर क्यों इतना याद आती हो।

सुना था इश्क में ज़िन्दगी सवर जाती है,
अंदाज़ा न था इस कदर बदल भी जाती है।

अगर कोई पूछेगा तो कह देंगे,
हा हुई थी मोहब्बत पर जिनसे हुई,,
वो हमारी मोहब्बत के काबिल नहीं थे।

आपकी तलाश में,
हमारे वजूद ही न रहा।
तबाह कर गयी,
मेरी हस्ती को आरजू तेरी।

दर्द कितना है बता नहीं सकते,
ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते।
आँखों से समझ सको तो समझ लो,
आँसू गिरे हैं कितने गिना नहीं सकते।

Pyar Mohabbat Ki Shayari Gam Bhari

जिसके दिल पर भी क्या खूब गूजरी होगी,
जिसने इस दर्द का नाम मुहब्बत रखा होगा।

उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।

किस दर्द को लिखते हो इतना डूब कर,
एक नया दर्द दे दिया है उसने ये पूछकर।

ग़म देकर तुमने खता की,ऐ सनम,
तुम ये न समझना, तेरा दिया हुआ,,
ग़म भी,हमें दवा ही लगता है।

बिखरा वजूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ,
कितने हसीन तोहफे दे जाती है ये मोहब्बत।

रूठी जो ज़िंदगी तो मना लेंगे हम,
मिले जो ग़म वो सह लेंगे हम,बस आप।
रहना हमेशा साथ हमारे,तो निकलते हुए,
आंसूओं में भी,मुस्कुरा लेंगे हम।

देख कर उसको अक्सर हमें एहसास होता है,
कभी कभी ग़म देने वाला भी बहुत खास होता है।
ये और बात है वो हर पल नहीं होता पास हमारे,
मगर उसका दिया ग़म अक्सर हमारे पास होता है।

हाल-ए-दिल अपना क्या सुनाएं आपको,
ग़म से बातें करना आदत है हमारी।
लोग मरते हैं सिर्फ एक बार सनम,
रोज पल-पल मरना किस्मत है हमारी।

अब तू ही कोई मेरे ग़म का इलाज कर दे,
तेरा ग़म है तेरे कहने से चला जायेगा।

कुछ ग़मों का होना भी जरूरी है,
ज़िंदगी में, ज़िंदा होने का अहसास बना रहता हैं।

रात भर मुझको गम-ए-यार ने सोने न दिया,
सुबह को खौफ-ए-शब-ए-तार ने सोने न दिया।
शमा की तरफ मेरी रात कटी सूली पर,
चैन से याद-ए-कद -ए-यार ने सोने न दिया।

खुश्क आँखों से भी अश्कों की महक आती है,
मैं तेरे गम को ज़माने से छुपाऊं कैसे।

तुझको पा कर भी न कम हो सकी बेताबी दिल की,
इतना आसान तेरे इश्क़ का ग़म था ही नहीं।

तुम्हें पा लेते तो किस्सा ग़म का खत्म हो जाता,
तुम्हें खोया है तो यकीनन कहानी लम्बी चलेगी।

ग़म नहीं ये कि क़सम अपनी भुलाई तुमने,
ग़म तो ये है कि रकीबों से निभाई तुमने।
कोई रंजिश थी अगर तुमको तो मुझसे कहते,
बात आपस की थी क्यूँ सब को बताई तुमने।

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,
ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे।
यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है,
मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे।

गम की बारिश ने भी,तेरे नक्स को धोया नहीं,
तू ने मुझ को खो दिया,मैंने तुझे खोया नहीं।

इस शहर में हम जैसा सौदागर कहाँ मिलेगा यारो,
हम गम भी खरीद लेते हैं किसी की खुशी के लिए।

हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे,
वो भी पल पल हमें आजमाते रहे।
जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया,
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।

बिछड़ गए हैं जो उनका साथ क्या मांगू,
ज़रा सी उम्र बाकी है इस गम से निजात क्या।
मांगू,वो साथ होते तो होती ज़रूरतें भी हमें,
अपने अकेले के लिए कायनात क्या मांगू।

दर्द का साज़ दे रहा हूँ तुम्हे,
दिल का हर राज़ दे रहा हूँ ‍‌तुम्हे।
ये गज़ल-गीत सब बहाने हैं,
मैं तो आवाज़ दे रहा हूँ ‍‌तुम्हे।

यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो,
जो हँस रहा है वो ग़मों से चूर निकलेगा।

इस दिल को किसी की आस रहती है,
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है।
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही,
पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है।

लोग पढ़ लेते हैं आँखों से दिल की बात,
अब मुझसे तेरे ग़म की हिफाजत नहीं होती।

रात को सोते हुए एक बेवजह सा ख्याल,
आया, सुबह ना जाग पाऊँ तो क्या उसे।
खबर मिलेगी कभी।।

याद करते है तुम्हे तन्हाई में दिल डूबा है,
गमो की गहराई में हमे मत ढूंढना दुनिया।
की भीड़ में हम मिलेंगे,
तुम्हे तुम्हारी ही परछाई में।

हम तो मोहब्बत के नाम से भी अनजान थे,
एक शख्स की चाहत ने पागल बना दिया।

ज़िन्दगी हैं नादान इसलिए चुप हूँ,
दर्द ही दर्द सुबह शाम इसलिए चुप हूँ।
कह दू ज़माने से दास्तान अपनी,
उसमे आएगा तेरा नाम इसलिए चुप हूँ।

बिन बात के ही रूठने की आदत है,
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है।
आप खुश रहें, मेरा क्या है मैं तो आइना हूँ,
मुझे तो टूटने की आदत है।

था कोई जो मेरे दिल को ज़ख्म दे गया ,
ज़िन्दगी भर रोने की कसम दे गया।
लाखों फूलों में से एक फूल चुना था मैंने,
जो काटों से भी गहरा ज़ख्म दे गया।

तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे,
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे।
अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो,
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।

जरा सी गलतफहमी पर न छोड़ो किसी,
अपने का दामन क्योंकि जिंदगी बीत,,
जाती है किसी को अपना बनाने में।

मुद्दत से जिन की आस थी वो मिले भी तो कुछ यूँ मिले,
हम नजर उठा कर तड़प उठे वो नजर झुका कर गुजर गए।

दर्द दे गए सितम भी दे गए,
ज़ख़्म के साथ वो मरहम भी दे गए।
दो लफ़्ज़ों से कर गए अपना मन हल्का,
और हमें कभी ना रोने की कसम दे गए।

एक कहानी सी दिल पर लिखी रह गयी,
वो नजर जो उसे देखती रह गयी।
वो बाजार में आकर बिक भी गए,
मेरी कीमत लगी की लगी रह गयी।

लगी है चोट दिल पे दिखा नही सकते,
भुलाना भी चाहे तो भुला नही सकते।
मोहब्बत का अंजाम यही होता है,
जिसके लिए तरसते हैं उसे पा नही सकते।

खुशीयों की मंजिल ढुंढी तो ग़म की गर्द मिली,
चाहत के नगमें चाहे तो आहें सर्द मिली दिल के,,
बोझ को दुना कर गया, जो ग़मखार मिला।

तुझे किया कभार के तेरी यादों ने मुझे किस तरह सताया,
कभी अकेले में हँसा दिया तो कभी अकेले में रोल दिया।

बंसिरी से सीख ले ए ज़िन्दगी सबक जीने का,
कितने छेद है सीने में फिर भी गुनगुनाती रहेती है।

बेताब हम भी थे दर्द जुदाई की कसम,
रोता वो भी होगा नज़रें चुरा चुरा कर।

में खुश हूँ कि तेरी नफ़रतों का अकेला वारिस हूँ,
वरना मोहब्बत तो तुझे बहुत से लोग करते है।

तड़प रही है हर एक तमन्ना न तुमसे मिलते न ऐसा होता,
भुजी भुजी सी है दिल कीदुनिया न तुम से मिलते न ऐसा होता।

हम अजनबी थे जब तुम बातें खूब किया करते थे,
अब सना साईं है तो तुम हमको याद भी नहीं करते।

रख लो दिल में संभाल कर थोड़ी सी याद मेरी,
रहे जाओ गए जब तनहा तो काम आएंगे हम।

Mohabbat Ka Dard Bhari Shayari

मोहब्बत वो हसीं गुनाह है,
जो मैंने तुझसे ख़ुशी से किया है।
पर मोहब्बत में इंतज़ार वो सजा है,
सिर्फ इंतज़ार सिर्फ इंतज़ार सिर्फ इंतज़ार किया है।

हो जा मेरा के इतनी मोहब्बत दुनंगा तुझे के,
लोग भी हसरत करेंगे तेरे जैसा नसीब पाने को।

बहुत अजीब सिलसिले है मोहब्बत इश्क मैं,
कोई वफ़ा के लिए रोया तो कोई वफ़ा कर के रोया।

तड़पता देख कर तरस तुम जाओ गए,
हुए तुम अगले बरस तुम भी जाओ गए।

ज़रूरी तो नहीं ज़बान से कहे दिल की बात,
ज़बान एक और भी होती है इज़हार मोहब्बत की।

मेरे अरमानों को मिट्टी में मिला दिया,
तुमने कैसे मुझे भुला दिया।
कोई कसर नहीं छोड़ा तुम्हें चाहने में,
और मेरी चाहत का ये सिला दिया।

दिल ही तोड़ना था तो कह देती,
कब तेरी मांग को झुठलाया है।
बहुत पछताओगी एक दिन,
क्योंकि तुमने सच्चा प्यार ठुकराया है।

मेरी सारी बात अनसुनी कर के,
चली गई वो,,
मेरे दिल की बस्ती सूनी करके।

यह मोहब्बत का दर्द भी अजीब होता है,
दर्द तो बहुत होता है,,
लेकिन ना सुना सकते हैं ना बता सकते हैं।

मेरी मोहब्बत को मंजिल नहीं मिली तो क्या,
खुदा भी तो हर किसी को नहीं मिल पाता।

तुमसे दूर रहकर भी,
परवाह करूंगा तुम्हारी।
साथ खत्म हुआ है,
तुमसे मेरी मोहब्बत नहीं।

दूर रहकर भी मेरे क़रीब हो,
मेरे दिल से पूछो कितने अज़ीज़ हो।
अपनी हथेली को कभी गौर से देखना,
खुद जान जाओगे कि तुम मेरा नसीब हो।

इतनी मोहब्बत ना सिखा ऐ ख़ुदा,
कि तुझसे ज़्यादा उसपे ऐतबार हो जाए।
दिल तोड़ के जाए वो मेरा,
और तू मेरा गुनाहगार हो जाए।

क्या कहूँ तुम्हें,
ख्वाब कहूँ तो बिखर जाओगे।
दिल कहूँ तो टूट जाओगे,
लो तुम्हारा नाम ज़िन्दगी रख देता हूँ।
मौत से पहले मेरा साथ ना छोड़ पाओगे।।

मोहब्बत की गम भरी शायरी वीडियो में

कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि तुमने,
किसे चाहा और कितना चाहा।
हमें तो ये पता है कि हमने,
सिर्फ तुम्हें चाहा और हद से ज़्यादा चाहा।

फूलों की तरह हंसती रहो,
कलियों की तरह मुस्कुराती रहो।
खुदा से बस एक गुज़ारिश है,
कि तुम हमेशा मुझे याद आती रहो।

तुम्हें सोच कर खुद को भूल जाते हैं,
तन्हाई में अक्सर ग़ज़ल गुनगुनाते हैं।
इश्क़ हो गया है या कोई और बला है,
बेवजह यूँ हर घड़ी अब मुस्कुराते हैं।

यादों में तुम, ख्वाबों में तुम,
खुशी में तुम, उदासी में तुम।
फिक्र में तुम, ज़िक्र में तुम,
बस पास नहीं हो मेरे तुम।

एक बार करके ऐतबार लिख दो,
कितना है मुझसे प्यार लिख दो।
तरस रहे हैं एक मुद्दत से,
इस बार अपनी मोहब्बत का इज़हार लिख दो।
ज़्यादा नहीं लिख सकते तो मत लिखो,
बस प्यार भरे लफ्ज़ दो चार लिख दो।
एक बार लिखो मोहब्बत है मुझे तुमसे,
फिर यही लफ्ज़ सौ बार लिख दो।

इश्क़ करना आसान नहीं होता,
दूरियां बढ़ने से प्यार कम नहीं होता।
वक्त बेवक़्त हो जाती हैं आंखें नम,
क्योंकि यादों का कोई मौसम नहीं होता।

भँवर से निकल कर किनारा मिला है,
जीने का फिर से एक सहारा मिला है।
बहुत कशमकश में थी ये ज़िन्दगी मेरी,
अब ज़िन्दगी में साथ तुम्हारा मिला है।

यह दिल तेरे लिए बेकरार आज भी है,
मेरी आँखों को तेरा इंतज़ार आज भी है।
तू आएगी यह उम्मीद है मुझे,
मुझे तुम पे ऐतबार आज भी है।

कुछ उम्र की पहली मंजिल थी,
कुछ रस्ते थे अंजान बहुत।
कुछ हम भी पागल पागल थे,
कुछ वो भी थे नादान बहुत।
कुछ उसने भी ना समझाया,
कि प्यार नहीं आसान बहुत।
आख़िर हमने भी खेल लिया,
जिस खेल में था नुकसान बहुत।

कैसे भुला दूं उसको,
मस्ती मनोरंजन हंसी मजाक,,
डॉ अब्दुल कलाम की प्यारी बातें।
कितने अजीब होते हैं ये मोहब्बत के रिवाज,
तोड़ दो यारां जो क़सम तुमने खाई है।

प्यारा सा एहसास हो तुम,
हर पल मेरे पास हो तुम।
जीने की एक आस हो तुम,
शायद इसलिए मेरे बहुत ख्वास हो तुम।

कई रातों से हम नहीं सोएं,
तुमसे तो दूर हो गए,,
पर तेरी यादों से कैसे दूर जाएं।

अपनी ज़िन्दगी हम ऐसे गुज़ार रहे हैं,
दर्द में डूबे हैं और मुस्कुरा रहे हैं।

सच्ची मोहब्बत कभी पूरी नहीं होती,
और बेवफाई कभी अधूरी नहीं होती।

कहते हैं सच्चा प्यार जरूर मिलता है,
फिर मुझे मेरा प्यार क्यों नहीं मिला।

तेरी मोहब्बत के लिए हम इतने तरस रहे हैं,
कि तेरी एक झलक के लिए मेरे नैना बरस रहे हैं।

ठुकरा के मेरी मोहब्बत मुझे तड़पाओ ना,
बहुत दूर रह लिया अब पास आ जाओ ना।

तो दोस्तों पर हमने जो आप लोगों को प्रोवाइड करी है मोहब्बत की गम भरी शायरी जो कि आप लोगों को पढ़कर अच्छी लगी होगी यह हम आप लोगों से उम्मीद रखते हैं।

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