Roti Shayari Status In Hindi 2022

Roti Shayari Status In Hindi 2022: दोस्तों आज मैं आप लोगों के लिए रोटी पर शायरी लेकर आया हूं या फिर यूं कहे की रोटी स्टेटस टेक्स्ट एसएमएस आदि।

दोस्तों यहां पर हम रोटी की कीमत दोस्तों यहां पर हम रोटी की कीमत और रोटी से रिलेटेड जितने भी शायरियां स्टेटस आदि बनते हैं।


Roti Shayari Status In Hindi 2022
Roti Shayari Status In Hindi 2022


वह सब यहां पर आप लोगों को मिल जाएंगे दाल रोटी से रिलेटेड शायरी मेहनत की रोटी गरीब की रोटी भूखे बच्चे पर शायरी आज ही का संपूर्ण भंडारण यहां पर मौजूद है।

यहां पर आप लोगों को टेक्स्ट के साथ-साथ इमेजेस भी मिल जाएगी वह भी शायरी के साथ।


Roti Shayari Status In Hindi 2022



सुखी रोटी को भी बाँट कर खाते हुये देखा मैंने,
सड़क किनारे वो भिखारी शहंशाह निकला।

Sukhee Rotee Ko Bhee Baant Kar Khaate Huye Dekha Mainne,
Sadak Kinaare Vo Bhikhaaree Shahanshaah Nikala.


Roti Shayari Status In Hindi 2022 , कतार बहुत लम्बी थी इस लिए सुबह से रात हो गयी,  ये दो वक़्त की रोटी आज फिर मेरा अधूरा ख्वाब हो गयी।


कतार बहुत लम्बी थी इस लिए सुबह से रात हो गयी,

ये दो वक़्त की रोटी आज फिर मेरा अधूरा ख्वाब हो गयी। 

Kataar Bahut Lambee Thee Is Lie Subah Se Raat Ho Gayee, 

Ye Do Vaqt Kee Rotee Aaj Phir Mera Adhoora Khvaab Ho Gayee.

Roti Shayari Status In Hindi 2022, फेंक रहे हो तुम खाना क्योंकि आज रोटी थोड़ी सुखी हैं।  थोड़ी इज्जत से फेंकना साहब मेरी बेटी कल से भूखी हैं।


फेंक रहे हो तुम खाना क्योंकि आज रोटी थोड़ी सुखी हैं।

थोड़ी इज्जत से फेंकना साहब मेरी बेटी कल से भूखी हैं।

Phenk Rahe Ho Tum Khaana Kyonki Aaj Rotee Thodee Sukhee Hain. 

Thodee Ijjat Se Phenkana Saahab Meree Betee Kal Se Bhookhee Hain.

Roti Shayari Status In Hindi 2022, गरीब के गुनाहों का हिसाब क्या खुदा लेगा,  जिसने गिन-गिन कर पूरी जिन्दगी रोटी खाई हो।


गरीब के गुनाहों का हिसाब क्या खुदा लेगा,

जिसने गिन-गिन कर पूरी जिन्दगी रोटी खाई हो। 

Gareeb Ke Gunaahon Ka Hisaab Kya Khuda Lega, 

Jisane Gin-gin Kar Pooree Jindagee Rotee Khaee Ho.

Roti Shayari Status In Hindi 2022, वो राम की खिचड़ी भी खाता है,  रहीम की खीर भी खाता है।   वो भूखा है जनाब उसे,  कहाँ मजहब समझ आता है।


वो राम की खिचड़ी भी खाता है,

रहीम की खीर भी खाता है। 

वो भूखा है जनाब उसे,

कहाँ मजहब समझ आता है। 

Vo Raam Kee Khichadee Bhee Khaata Hai, 

Raheem Kee Kheer Bhee Khaata Hai. 

Vo Bhookha Hai Janaab Use, 

Kahaan Majahab Samajh Aata Hai.

Roti Shayari Status In Hindi 2022,अमीरी नशा करके पड़ा है कचरे के ढेर में,  गरीबी रोटी ढूँढने निकला है कचरे के ढेर में।


अमीरी नशा करके पड़ा है कचरे के ढेर में,

गरीबी रोटी ढूँढने निकला है कचरे के ढेर में। 

Ameeree Nasha Karake Pada Hai Kachare Ke Dher Mein,

Gareebee Rotee Dhoondhane Nikala Hai Kachare Ke Dher Mein।

इक गरीब दो रोटी में पूरा जीवन गुजार देता है,

वो ख्वाहिशों को पालता नहीं है… उन्हें मार देता है। 

Ik Gareeb Do Rotee Mein Poora Jeevan Gujaar Deta Hai, 

Vo Khvaahishon Ko Paalata Nahin Hai… Unhen Maar Deta Hai.


रोटी के लिए शायरी

उस मासूम की रोटी की आखिरी उम्मीद तब टूटी,

जब बड़े साहब ने चढ़ा कर सीसा कार आगे बढ़ा दी। 

Us Maasoom Kee Rotee Kee Aakhiree Ummeed Tab Tootee, 

Jab Bade Saahab Ne Chadha Kar Seesa Kaar Aage Badha Dee.

रोटी कमाना बड़ी बात नही है,

परिवार के साथ बैठकर खाना बड़ी बात है। 

Rotee Kamaana Badee Baat Nahee Hai, 

Parivaar Ke Saath Baithakar Khaana Badee Baat Hai.

माँ के हाथ की रोटी शायरी


Maa Ke Hath Ki Roti Shayari , जब घर में खुश होती है माँ बहू और बेटियाँ,  तभी घर में मिलती है सुकून की रोटियाँ।
माँ के हाथ की रोटी शायरी


जब घर में खुश होती है माँ बहू और बेटियाँ,

तभी घर में मिलती है सुकून की रोटियाँ। 

Jab Ghar Mein Khush Hotee Hai Maa Bahoo Aur Betiyaan, 

Tabhee Ghar Mein Milatee Hai Sukoon Kee Rotiyaan.

Maa Ke Hath Ki Roti Shayari, माँ के हाथों से बनी रोटी बहुत याद आती है,  जब अपने हाथों से रोटी बनानी पड़ जाती है।


माँ के हाथों से बनी रोटी बहुत याद आती है,

जब अपने हाथों से रोटी बनानी पड़ जाती है। 

Maa Ke Haathon Se Banee Rotee Bahut Yaad Aatee Hai, 

Jab Apane Haathon Se Rotee Banaanee Pad Jaatee Hai.

Maa Ke Hath Ki Roti Shayari, पूछा माँ से प्यार क्या है !  तू, मैं, तेरे भाई और पिता, दाल -रोटी और एक छत।


पूछा माँ से प्यार क्या है !

तू, मैं, तेरे भाई और पिता, दाल -रोटी और एक छत। 

Poochha Maa Se Pyaar Kya Hai ! Too, 

Main, Tere Bhaee Aur Pita, Daal -rotee Aur Ek Chhat.

Maa Ke Hath Ki Roti Shayari, भूख तो एक रोटी से भी मिट जाती माँ ,  अगर थाली की वो एक रोटी तेरे हाथ की होती ।


भूख तो एक रोटी से भी मिट जाती माँ ,

अगर थाली की वो एक रोटी तेरे हाथ की होती ।

Bhookh To Ek Rotee Se Bhee Mit Jaatee Maan , 

Agar Thaalee Kee Vo Ek Rotee Tere Haath Kee Hotee .

Maa Ke Hath Ki Roti Shayari, तलाश रोटी के सफर में मुझसे दूर मत होना माँ ,  बताऊंगा भूख को की तू मेरी माँ से बढ़कर नही ।


तलाश रोटी के सफर में मुझसे दूर मत होना माँ ,

बताऊंगा भूख को की तू मेरी माँ से बढ़कर नही ।

Talaash Rotee Ke Saphar Mein Mujhase Door Mat Hona Maan , 

Bataoonga Bhookh Ko Kee Too Meree Maan Se Badhakar Nahee .

पिता को दिनभर चलाती रही ये रोटी ,

माँ को दिन भर थकाती रही ये रोटी ,

बच्चो को दूर शहर नचाती रही ये रोटी ,

ना जाने क्या-क्या कमाल दिखाती रही ये रोटी ।

Pita Ko Dinabhar Chalaatee Rahee Ye Rotee , 

Maan Ko Din Bhar Thakaatee Rahee Ye Rotee , 

Bachcho Ko Door Shahar Nachaatee Rahee Ye Rotee , 

Na Jaane Kya-kya Kamaal Dikhaatee Rahee Ye Rotee .

आजकल  रोटी के पीछे भागता हूँ ,

तो याद आता है मुझे ,मेरा बचपन जब ,

रोटी खिलाने के लिए माँ मेरे पीछे भागती थी। 

Aajakal Rotee Ke Peechhe Bhaagata Hoon ,

To Yaad Aata Hai Mujhe ,mera Bachapan Jab , 

Rotee Khilaane Ke Lie Maan Mere Peechhe Bhaagatee Thee.

प्रेम का अर्थ मुझे उस वक्त समझ में आया ,

जब माँ ने आधा रोटी भी बांट कर खाया ।

Prem Ka Arth Mujhe Us Vakt Samajh Mein Aaya , 

Jab Maan Ne Aadha Rotee Bhee Baant Kar Khaaya .

तेरी  टिफन की वो दो रोटि कही पे बिकती नही,

माँ मेंहगे ढाबो  में आज भूख मिटती नही। 

Teree Tiphan Kee Vo Do Roti Kahee Pe Bikatee Nahee, 

Maan Menhage Dhaabo Mein Aaj Bhookh Mitatee Nahee.


मां की रोटी शायरी

जब एक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पांच ,

तब मुझे भूख नही है ,

ये कहने वाली सिर्फ माँ होती है ।

Jab Ek Rotee Ke Chaar Tukade Ho Aur Khaane Vaale Paanch , 

Tab Mujhe Bhookh Nahee Hai , 

Ye Kahane Vaalee Sirph Maan Hotee Hai .

तन जलाकर रोटींया पकाती है माँ ,

नादान बच्चे आचार पर रूठ जाते है ।

Tan Jalaakar Roteenya Pakaatee Hai Maan , 

Naadaan Bachche Aachaar Par Rooth Jaate Hai .

माँ मेरी खातिर तेरा रोटी पकाना याद आता है ,

अपने हाथों को चुल्हे में जलाना याद आता है ।

Maan Meree Khaatir Tera Rotee Pakaana Yaad Aata Hai , 

Apane Haathon Ko Chulhe Mein Jalaana Yaad Aata Hai .


Maa Ke Hath Ki Roti Shayari

तुम क्या सिखाओगे मुझे ,

प्यार करने का सलीका ,

मैने माँ के एक हाथ से थप्पड़ ,

दूसरे से रोटी खाई है ।

Tum Kya Sikhaoge Mujhe , 

Pyaar Karane Ka Saleeka , 

Maine Maan Ke Ek Haath Se Thappad , 

Doosare Se Rotee Khaee Hai .

तेरी डिब्बे की वो दो रोटियां कही बिकती नही ,

माँ मेंहगे होटलो में आज भी भूख नही मिटती ।

Teree Dibbe Kee Vo Do Rotiyaan Kahee Bikatee Nahee , 

Maan Menhage Hotalo Mein Aaj Bhee Bhookh Nahee Mitatee .

दो वक्त की रोटी शायरी

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